Information about corn flour in hindi

CORN FLOUR IN HINDI | कॉर्न फ्लोर हिंदी मीनिंग
कॉर्नफ्लोर क्या है एवं इसके उपयोग, कॉर्न फ्लोर, कॉर्न स्टार्च और मक्के के आटे में अंतर, नुट्रिशन फैक्ट्स और गरेलु नुस्खों में उपयोग | WHAT IS CORNFLOUR OR SOME PEOPLE Get in touch with IT CORN FLOWER Defined IN HINDI AND ITS BENEFITS, Takes advantage of, Variance AND Diet
Corn flour in Hindi में इसका पूरा विवरण समझते है.

कॉर्नफ्लोर क्या है? इसमें कितने प्रकार है ये सब आज मैं आपको समझाता हु.

शुरुआत करते है हमारे जाने पहचाने मक्के का आटा. हम सब ने कभी न कभी किसी न किसी रूप में इसे खाया होगा।

पंजाब में मक्के का आटा मक्के की रोटी बनाने में काफी काम आता है. मक्के की रोटी और सरसो का साग दुनिया भर में मशहूर है.

पर मक्के के फायदे बहुत है और मक्के के नुकसान भी.

पर आगे बढ़ने से पहले हमें ये समझना जरूरी है की मक्के के आटा और कॉर्न फ्लोर में अंतर क्या है. दोनों एक नहीं है. कॉर्न फ्लोर को हिंदी में (corn flour in Hindi) कॉर्न फ्लोर ही कहते है.

हालाँकि अगर अंग्रेजी से इसका अनुवाद हिंदी में करे तो ये मक्के का आटा कहलायेगा।

इस पूरी कन्फूजन को आज हम दूर कर देते है.

मक्के का आटा और कॉर्नफ्लोर में अंतर (DIFFERENCE BETWEEN CORNMEAL FLOUR AND CORNFLOUR)
अंग्रेजी में दोनों के लिए जो शब्द दिए है उनसे ये समझना थोड़ा आसान हो जायेगा।

मक्के के आटे को अंग्रेजी में कॉर्नमील फ्लोर (Cornmeal flour) कहते है. और कॉर्नफ्लोर तो हिंदी में भी कोर्न्फ्लौर ही शब्द से ही प्रचलित है.

वाइट कॉर्न फ्लोर क्या है ?(WHITE CORN FLOUR IN HINDI)
white corn flour in hindiभारत में हम अक्सर एक ही प्रजाति का कॉर्न या मक्का देखते है. जो पिले रंग का होता है.

पर क्या आपको मालूम है की मक्का कई रंगो में आता है. सफ़ेद, नारंगी, बैंगनी और नीला। मेक्सिको में जब पहली बार मक्का मिला था तो वो पिले रंग का था. पर उसमे एक समस्या थी. तोड़ने के कुछ घंटो बाद ही उसमे की मिठास कम हो जाती थी.

इसलिए किसानो और मक्का उत्पादकों ने कई प्रयोग किये ताकि कॉर्न को तोड़ने के बाद भी मीठा रखा जा सकते. उसे उपक्रम में सफ़ेद कॉर्न (white corn ) भी बना.

इसमें और सामान्य पीले भुट्टे में सिर्फ बीटा कैरोटीन का अंतर होता है. पिले कॉर्न में बिता कैरोटीन बहुत होता है. सफ़ेद में ये नदारद होता है.

पर भारत में आम भाषा में को आपसे पूछे की white corn flour in hindi में क्या होता है तो उस वक़्त अमूमन उस व्यक्ति का मतलब होता है वाइट कॉर्न पाउडर जो हम कॉर्न फ्लोर के नाम से जानते है.

कॉर्नमील फ्लोर या मक्के का आटा बनाने की विधि HOW To create CORN FLOUR OR CORN AATA (MAKKE KA AATA)
मक्के का आटा कैसे बनाये
मक्के को सूखा कर उसमे से पूरा मॉइस्चर निकलते है . फिर उसे फ्लोर मील में पीस कर आटा तैयार कर लेते है .

ये हल्का पीला होता है. और दरदरा होता है जैसा आप चने का आटा देखते है.

इसको गेहू के आटे की तरह ही स्टोर किया जा सकता है. बहुत ज्यादा देख रेख की जरूरत नहीं पड़ती.

कॉर्नफ्लोर बनाने की विधि
कॉर्न फ्लोर या कॉर्नफ्लोर मक्के का महीन आटा होता है. वैसा ही फर्क है जैसा गेहू का आटा और मैदे में फर्क होता है. इसमें एक प्रकार और होता है जिसे हम कॉर्न स्टार्च कहते है.

कॉर्नफ्लोर और कॉर्न स्टार्च में अंतर (Distinction between CORN FLOUR AND CORN STARCH IN HINDI.)
विदेशो में, ख़ास कर अमेरिका में दो और अलग अलग तरह से मक्के को पीसने के तरीके है . कॉर्न फ्लोर और कॉर्नस्टार्च।

कॉर्न फ्लोर मक्के की के पूरे दाने को महीन पीस कर बनता है , जबकि कॉर्न स्टार्च मक्के के दाने के छिलके हटाने के बाद जो बचता है उसको महीन पीस कर बनता है.

भारत, इजराइल, ब्रिटैन इत्यादि देशो में अक्सर कॉर्नफ्लोर को ही कॉर्नस्टार्च मानते है. जबकि दोनों के उपयोगिता और नुट्रिशन में अंतर है.

अब हम समझते है कॉर्नफ्लोर में क्या क्या पौष्टिक तत्त्व पेये जाते है. कॉर्न फ्लोर की नुट्रिशन वैल्यू नीचे दी गयी है.

कॉर्नफ्लोर न्यूट्रिशनल फैक्ट्स (CORNFLOUR NUTRITIONAL Info)
Nutrition Info
Serving Dimension 100gm

Total Per Serving
Energy 365Calories from Fat 31.6
% Day by day Value *
Overall Body fat three.8g6%
Sodium five.0mg1%
Potassium 223mg7%
Complete Carbohydrate seventy six.3g26%
Dietary Fiber 9.6g39%
Sugars 0.6g
Protein 9.3g19%
Calcium fourteen%Iron 40%Vitamin E one%Thiamin ninety five%Riboflavin 44%Niacin forty nine%Vitamin B6 eighteen%Folate 58%Pantothenic Acid seven%Magnesium 27%Zinc twelve%Selenium 21%Manganese 24%
* % Each day Values are according to a two,000 calorie food plan. Your everyday benefit might be better or decrease based on your calorie demands.

जैसा की आप देखसकते है इसमें आयरन, कैल्शियम व् अन्य दुसरे विटामिन्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में है. परन्तु इसमें कैलोरीज भी बहुत अधिक है.

१०० ग्राम कॉर्न फ्लोर में ही आपको लगभग ३६५ कैलोरीज मिल जाती है. इसलिए जो लोग वजन बढ़ने से परेशान है उन्हें कॉर्न फ्लोर बिलकुल भी अच्छा नहीं।

ख़ास कर इसमें जो कैलोरीज है वो मुख्यतः कार्बोहायड्रेट से प्राप्त होती है. इसलिए मधुमेह टाइप २ और मधुमेह टाइप १ से ग्रस्त लोगो को इससे दूर रहना चाहिए।

चूँकि मक्के का आटा और कॉर्नफ्लोर पूरे छिलके सहित मक्के के दाने से बनते है इसलिए दोनों की पौष्टिक वैल्यू एक सामान है.

इसमें इतनी कैलोरीज होने की वजह से ही इसको सर्दियों में ज्यादा खाते है. क्योकी सर्दियों में हमें ऊर्जा की जयादा जरूरत होती है.

कॉर्नफ्लोर क्या है समझने के बाद आईये समझते है इसके उपयोग।

कॉर्नफ्लोर का घर में उपयोग (USE OF CORN FLOUR In your own home)
हमारी रसोई में इसका बहुत उपयोग होता है.
सिरप, कैटचप या ग्रेवी को गाढा करने में इसका बहुत उपयोग होता है. साथ ही किसी ताली हुई चीज को क्रिस्पी या कुरकुरा बनाने में उसको पहले कॉर्नफ्लोर से कवर करते है. और कस्टर्ड तो आपने खाया ही होगा।
कस्टर्ड भी कॉर्नफ्लोर से बना होता है.
इसके अलावा कॉर्नफ्लोर का घर में उपयोग बहुत से अन्य कारणों से भी करते है . इसपर एक आर्टिकल हमने अलग से प्रकाशित किया है.
कॉर्नफ्लोर का उद्योगों में उपयोग (Usage of CORN FLOUR IN INDUSTRIES)
इसके अलावा उद्योगों में भी इसका भरपूर उपयोग होना मिलता है.

कागज़,कपड़ा , फार्मा इत्यादि उद्योगों में इसका भरपूर उपयोग करते है .

कागज बनाने वाले कारखानों में सरफेस साइज़िंग में इसका उपयोग लेते है . इसके अल्वा कॉर्नस्टार्च का उपयोग कागज की मजबूती लेन में भी इसका इस्तेमाल होता है.

पेपर के चीकनापन बढ़ाने और बाइंडर में कोर्न्फ्लौर या कॉर्नस्टार्च बहुत काम की चीज है.
कॉर्नफ्लोर का कपड़ा उद्योग में उपयोग
कपड़ा उद्योग में कॉर्नस्टार्च का बहुत उपयोग है. भारत में हम इसे कलफ लगाना कहते है.
कपडे को क्रिस्पी, कड़क दिखने के लिए उसको कॉर्न स्टार्च में डुबाकर सुखाने से बहुत शानदार टेक्सचर आता है. अक्सर कॉटन के कपडे ऐसे ही कड़क करते है.
इसके अल्वा कपडे का वजन बढ़ने में here भी इसका उपयोग कर सकते है.
शक्कर बनाने में.
जी हां. कॉर्नस्टार्च का उपयोग शक्कर बनाने में होता है. इसको केमिकल प्रोसेस से स्टार्च से शुगर में बदलते है .
महत्वपूर्ण : आपने कई ऐसे पैक्ड पेय पदार्थ पिए होंगे जिसमे ये एक इंग्रेडिएंट होगा।

कॉर्नस्टार्च से पहले ग्लूकोस निकल लेते है और फिर एन्ज़इम्स की मदद से उसको फ्रुक्टोस में बदला जाता है जो बहुत ज्यादा मीठा होता है.

इसका उपयोग डब्बा बंध खाद्यपदार्थों को मीठा बनाने में करते है.

अमेरिका में इसका बहुत ज्यादा प्रचलन है और इस वह से ही बहुत सी स्वास्थ समस्याएं उत्पन्न हो गयी है.

कॉर्नफ्लोर के फायदे (Advantages of CORNFLOUR )
कॉर्नफ्लोर को जब से उद्योगों ने प्रोसेस करके उपयोग में लाना शुरू किया है तब से इसके फायदे डाब से गए है. वर्ण भारत में हम सदियों से मक्के का आटा खाते आ रहे है जो पौष्टिक है.
अगर आप घर में या चक्की पर पिसा हुआ मक्के का आटा खाएंगे तो आपको इसके भरपूर फायदे मिलेंगे। फिर चाहे वो कॉर्नमील फ्लोर हो या कॉर्नफ्लोर हो.
अगर आप व्होलग्रेन मक्के का आटा कहते है तो आपके अंतड़िया और पेट स्वस्थ रहेगा। उसके वजह से पेट के कैंसर होने के चान्सेस बहुत कम हो जाते है.
इसमें फाइबर बहुत है. इसकी वजह से आपका पेट मक्के के आटे से बनी वस्तुए खाने के बाद बहुत देर तक भरा रहता है. इसलिए बार बार भूख लगने की समस्या नहीं होती.
ये आपके पेट के बैक्टीरिया पर अच्छा है. जैसा आप जानते है की पेट में अच्छे बैक्टीरिया भी होते है जो आपके पाचन को सुचारु रखने में बहुत मददगार होते है. कॉर्नफ्लोर पेट में बैक्टीरिया पर अच्छा सिद्ध हुआ है.
इसमें विटामिन सी भरपूर है. ये एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है जो आपकी कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है. इससे आपके शरीर में इम्युनिटी या प्रतिरोध क्षमता भी बनी रहती है.
पीला मक्का लुटेइन और जेएक्सेंथिन से भरपूर है जो आँखों की सेहत में बहुत जरूरी है.
ये एक प्रकार के करेटिनॉइड्स होते है जो आँखों के लेने को डैमेज होने और मोतियाबिंद से रक्षा करता है.
कॉर्नफ्लोर में थोड़ी मात्रा में विटामिन बी और के होता जो शरीर को फ़ायदा पहुंचता है. साथ ही इसमें मैग्नीशियम और पोटासियम भी है जो हड्डियों की मजबूती में बहुत जरूरी है और शरीर को फ़ायदा ही करता है.
कॉर्नफ्लोर से होने वाले नुक्सान (DAMAGES DUE TO CORN FLOUR)
कॉर्नफ्लोर में सबसे ज्यादा क्लोरिएस कार्बोहायड्रेट से आती है. कार्बोहायड्रेट शरीर में जा कर ग्लूकोस बनता है.
डायबिटीज में नुक्सान – कॉर्नफ्लोर एक हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स फ़ूड है. इसका मतलब ये है की ये शरीर में जाते से ही रक्त में ग्लूकोस की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ा देता है. इसलिए मधुमेह टाइप २ या १ में इसका उपयोग देख समझ कर करना चाहिए।
ह्रदय रोग – आजकल बाजार में डीएनए मॉडिफाइड कॉर्न का आटा आ गया है. उस वजह से ये सामान्य या आर्गेनिक ढंग से उगाये गए कॉर्न के आटे से बहुत कम पौष्टिक और घातक है. हृदय रोगी इसका ध्यान से ही सेवन करे.
मोटापा – कॉर्नफ्लोर में कार्बोहायड्रेट ज्यादा होने की वजह से वजन कम करने वाले या मोटे लोग इसका उपयोग ना ही करे तो अच्छा है. इससे वजन बढ़ने की सम्भावना बनी रहती है.
कोलेस्ट्रॉल – ज्यादा कॉर्नफ्लोर या आटा खाने से शरीर में खराब वाला कोलेस्ट्रॉल याने एल डी एल बहुत बढ़ सकता है जो ह्रदय और शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है.
महत्वपूर्ण बात: आटा बुरा नहीं है पर इको बनाने की विधि और किस प्रकार का कॉर्न इस्तेमाल किया गया है वो महत्वपूर्ण है.

घर में कॉर्नमील फ्लोर या मक्के का आटा कैसे बनाये। (HOW To produce CORNMEAL FLOUR In the home)
भारत में वैसे तो गली गली आते की चक्किया है। आप मक्के के दाने वहा ले जा कर पिसवा सकते है. पर अगर आपके आसपास चक्की नहीं तो आप घर में भी मक्के का आटा बना कर उपयोग में ला सकते है.

आपको जितना आटा चाहिए उतना सूखे मक्के के दाने ले लीजिये। याद रहे इसमें मॉइस्चर या नमी नहीं रहनी चाहिए।

इन दानो को मिक्सर के ड्राई मिक्सर पॉट में पीस लीजिये। एक पॉट भर के आता आपको १-३ मिनट में मिल जायेगा.

घर में कॉर्न फ्लोर कैसे बनाये (HOW To generate CORN FLOUR In your own home)
यहाँ हम दो विधिया बता रहे है. एक कॉर्न फ्लोर की और दूसरी कॉर्न स्टार्च की. भारत में अमूमन दोनों को एक ही मानते है.

कोर्नफ्लोर बनाने की विधि

कन्फ्लौर बनाने में जो ऊपर आटे की विधि बताई गयी है उसको ही अपनाना है. फर्क सिर्फ इतना है की आपको मिक्सर में ज्यादा देर तक मक्के के सूखे दानो को पीसना है.

आटा १-३ मिनट में पीस कर तैयार होता है. कॉर्नफ्लोर पीसने में लगभग दुगना समय लगता है.

कॉर्नस्टार्च बनाने की विधि।

कॉर्नस्टार्च बनाने हेतु आपको पहले मक्के के दानो को उबलते पानी में डालना होगा। ५ मिनट उबलने के बाद उसे उस पानी में ही १ घंटे पड़ा रहने दे.

पानी ठंडा होने के बाद इन दानो को निकाल ले व रगड़ कर छिलका हटा ले. फिर इन दानो को पीस कर सूखा ले. कॉर्न स्टार्च तैयार हो जायेगा.

कॉर्नफ्लोर और अरारोट ( CORN FLOUR IN HINDI ARAROT )
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